उपरोक्त दोनों सेवाओं के पदाधिकारी किसी भी आपदा की स्थिति में जमीनी स्तर पर सबसे पहले Response करने वाले पदाधिकारी हैं । ग्रामीण विकास पदाधिकारियों एवं राजस्व पदाधिकारियों की आपदा प्रबंधन में प्रखंड एवं अंचल स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण यह आवश्यक है कि उन्हें आपदा प्रबंधन अधिनियम, नीति, राज्य योजना, जिला योजना एवं बिहार आपदा जोखिम न्यूनीकरण रोड मैप आदि का पूर्ण ज्ञान हो। साथ ही, उनको आपदा रिस्पांस के लिये निर्धारित प्रशासनिक संरचनाओं तथा विशेषज्ञ बलों के (NDRF/SDRF) कार्यो की जानकारी भी हो । विशेष कर विभिन्न आपदाओं के लिए गठित मानक संचालन प्रक्रियाओं तथा मार्गदर्शिकाओं तथा प्रखंड/अंचल स्तर पर इनके इस्तेमाल के संबंध में उनका अवगत होना भी अत्यावश्यक है । वर्ष 2019 में बाढ़ ग्रस्त प्रखडों/अंचलों में पदस्थापित 291 वैसे प्र0 वि0 पदा0/अंचल अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया था, जो गैर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से स्थानान्तरित होकर गए थे । तदनुपरांत प्रशिक्षण की आवश्यकता को देखते हुए बिहार ग्रामीण विकास सेवा एवं बिहार राजस्व सेवा के सभी अधिकारियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन विषय पर तीन दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है। तद्नुसार आवश्यकता आधारित मॉड्यूल निर्माण किया गया।
इसी क्रम में 23 से 25 मार्च, 2021 तक ए0 एन0 सिन्हा सामाजिक अध्ययन एवं शिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । प्रशिक्षण कार्यक्रम के इस पहले बैच में कुल 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया । इसमें राजस्व सेवा के 25 और ग्रामीण विकास सेवा के एक अधिकारी ने प्रशिक्षण प्राप्त किये।