दिनांक 16 एवं 17 जून 2025 को समस्तीपुर जिला में बाढ़ पूर्व तैयारियों पर विभिन्न लाइन विभागों के साथ समीक्षा की गई। जिला पशुपालन विभाग, शिक्षा विभाग, पीएचईडी, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन, आपदा प्रबंधन विभाग सहित अंचल एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ बाढ़ प्रबंधन एवं राहत शिविर प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा किया गया।

जिला एवं प्रखंड स्तर पर किए बाढ़ प्रबंधन का कार्य संतोषजनक पाया गया। जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में सभी लाइन विभागों के साथ बाढ़ पूर्व तैयारियों पर समीक्षा बैठक की गई है। बाढ़ग्रस्त समूहों की पहचानकर सुची तैयार कर लिया गया है। सभी अंचलो में आपदा मित्र को वर्तमान में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडलो के अधीन तटबंधो के निगरानी हेतु सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, संवेदक एवं बांध पर प्रतिनियुक्त मजदुर के टीम में शामिल किया गया है। बाढ़ के समय माईकिंग हेतु अंचल स्तर पर कर्मीयों की प्रतिनियुक्ति तथा भेंडर चिन्हित कर लिया गया है। सभी अंचलो में आश्रय स्थल का पहचान कर लिया गया है। सभी नाव, नाविक तथा नाव परिचालन रूट की सूची तैयार कर DEOC में संधारित है। जिला अंतर्गत कुल 350 निजी नाव का एकरारनामा नाव मालिको से कर लिया गया है। जिला में चलंत 16 चिकित्सा दल, राहत शिविर हेतु 17 कर्मियों एवं 24 अस्थाई चिकित्सा दल की व्यवस्था की गई है। गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव हेतु ANM को प्रशिक्षण दिया गया है।
जिला में 162 पशु राहत शिविर चिन्हित कर 29 भ्रमणशील चिकित्सक को प्रतिनियुक्ति करते हुये राहत शिविर में रहने वाले पशुओं के स्वास्थ्य देखभाल हेतु एक्शन प्लान तैयार कर किया गया है। पशु चारा हेतु निविदा कर आपूर्तिकर्त्ता का चयन कर लिया गया है। सुझाव दिया गया कि बाढ़ से पहले पशुओं का टीकाकरण का कार्य पुरा कर लिया जाय।
सभी विद्यालयों में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किया जाता है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को सुझाव दिया गया कि बाढ़ प्रभावित विद्यालय हेतु वैकल्पिक पठन-पाठन कार्य हेतु सुरक्षित स्थान का चयन कर लिया जाय ताकि बच्चे के पढाई में किसी प्रकार का बाधा उत्पन्न न हो। राहत शिविरों में बच्चों का पढाई के साथ खेल का प्रबंध किया जाय। प्रिंटर द्वारा उपलब्ध कराई शिक्षकों एवं बाल प्रेरक के उपयोग हेतु पुस्तक सभी विद्यालयों में भेजने के लिए अनुरोध किया गया।
बाढ़ प्रवण क्षेत्र पटोरी अनुमंडल के मोहिउद्दीन नगर एवं मोहनपुर प्रखंड का भ्रमण किया तथा अंचलाधिकारी एवं बीडीओ, सभी लाइन विभागों के साथ बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों पर समीक्षा की गई एवं बाढ़ प्रवण कुर्साहा, पतशिया एवं रसलपुर घाट (धरनी पट्टी) पंचायतों में स्थलों का मुआयना किया गया।